close

testing

Jamun ka ped जामुन का पेड़ Krishnachandra कृष्णचंद्रर #Text #Book

4 Ansichten· 18/12/25
Deepakrajmanuj
Deepakrajmanuj
17 Abonnenten
17
Im

कृष्ण चंदर हिन्दी और उर्दू के कहानीकार थे। उन्हें साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन 1961 में पद्‌म भूषण से सम्मानित किया गया था। उन्होने मुख्यतः उर्दू में लिखा किन्तु भारत की स्वतंत्रता के बाद हिन्दी में लिखना शुरू कर दिया। इन्होंने कई कहानियाँ, उपन्यास और रेडियो व फ़िल्मी नाटक लिखे।
कृष्ण चंदर ने अपनी रचनाओं में सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक विसंगतियों पर तीखा व्यंग्यात्मक प्रहार किया। उनकी कहानियां अक्सर मुहावरेदार और सजीव होती थी। उसमें व्यंग्य, विनोद और विचारों का समावेश भी उतना ही होता था।

कृष्‍ण चंदर का जन्‍म 23 नवंबर 1914 को (आज के) पाकिस्‍तान के वजीराबाद में हुआ था और उनका देहांत 8 मार्च 1977 को मुंबई में हुआ। उन्‍होंने 20 उपन्‍यास, 30 कहानी संकलन और दर्जनों रेडियो नाटक लिखे।

आज प्रस्तुत, उनकी कहानी ‘जामुन का पेड़’ एक हास्य व्यंग रचना है जिसमें उन्होंने सरकारी महकमे और उनकी कार्यशैली पर करारा व्यंग किया है!
‘जामुन का पेड़’ नामक इस कहानी को लिखे जाने का ठीक ठीक समय तो ज्ञात नहीं हो सका, लेकिन यदि यह उनके निधन के दस साल पहले भी लिखी गई होगी, तो इस कहानी की उम्र करीब 50 साल बैठती है। जरा सोचिए कृष्‍ण चंदर ने 50 साल पहले जिस लालफीताशाही को इस कहानी में बयां किया है, क्‍या वह आज भी वैसी की वैसी नहीं है?

Zeig mehr

 1 Bemerkungen sort   Sortiere nach


ApnaUttarakhand
ApnaUttarakhand 3 Monate vor

बहुत ही जबरदस्त, ऐसे ही बेहतरीन तरीके से काम करते रहिये हम आप के साथ हैं!
हमारी टीम Apna Tube को बहुत बडें लेवल पर ले जाने की कोशिश कर रही है !
हमने आपके चैनल को सब्सक्राइब कर लिया है, आप भी हमारे चैनल पर विजिट कीजिए अगर आपको भी लगता है कि आपको भी सब्सक्राइब करना चाहिए तो जरूर कीजिए और इस Mission🎯में हमारा साथ दीजिए।
जय हिंद🇮🇳
(Team अपना उत्तराखंड )

0    0 Antworten
Zeig mehr

Als nächstes