26 जनवरी की पावन सुबह वृंदावन में श्री राधारानी जी के दर्शन अत्यंत मनोहर और भक्तिमय होते हैं। ठंडी वायु में मंदिर की घंटियों की मधुर ध्वनि वातावरण को पवित्र कर देती है। जैसे ही राधारानी जी की मंगला आरती आरंभ होती है, दीपों की उजास में उनका श्रीविग्रह अलौकिक शोभा बिखेरता है। केसरिया, श्वेत और तिरंगे पुष्पों से सजा श्रृंगार विशेष आकर्षण पैदा करता है। भक्तजन हाथ जोड़कर “राधे-राधे” का जाप करते हुए प्रेम, शांति और समर्पण का अनुभव करते हैं। यह दिव्य दर्शन मन, बुद्धि और आत्मा को नई ऊर्जा और भक्ति से भर देता है। 🌸🙏