close

Important Announcement
Title, thumbnail ya video me agar abusing, adult ya sexually explicit content paya gaya to channel bina kisi warning ke permanent delete kar diya jayega. Yeh rule turant lagu hai. Ab tak 350+ channels delete kiye ja chuke hain. Kripya kisi bhi prakar ka adult ya abusive content upload na karein. Rule violate hone par channel bina bataye delete ho jayega.


— Team ApnaTube

Clipo Créer

trending video viral makhana

106289703779513476369

2

7

⁣💞 उसके ही तो दिल में अब रहना है हर दम | Heart Touching Love Shayari | Romantic Shayari | #shorts






उसके ही तो दिल में अब तो रहना है हर दम...

एक ऐसी मोहब्बत भरी शायरी जो दिल को छू जाए ❤

अगर आपको सच्ची मोहब्बत महसूस हुई है, तो ये वीडियो आपके लिए है।

👇 अपने दिल की बात कमेंट में ज़रूर लिखें ❤
🎧 Follow for more Romantic & Sad Shayari

#loveshayari #romanticshayari #hearttouching #emotional #hindishayari #shorts

Narendr sagar

0

15

⁣Can you answer this impossible GK question? 🤯

Which element naturally exists in all three states — solid, liquid, and gas?

Comment your answer below! ⬇🔥
GK Quiz World brings you the toughest general knowledge questions to test your brain! 🧠⚡

Subscribe for daily mind-blowing quizzes!

GK_Quiz_World

3

30

इतिहास के पन्नों में राजपूतों का शौर्य, साहस और बलिदान वास्तव में अतुलनीय रहा है। जब हम "राजपूतों की तरह लड़ने" की बात करते हैं, तो उसका अर्थ केवल युद्ध नहीं, बल्कि एक खास जीवन दर्शन और नैतिक संहिता (Ethos) से होता है।
यहाँ कुछ ऐसे गुण दिए गए हैं जो राजपूत योद्धाओं की पहचान रहे हैं:
1. शरणागत की रक्षा (प्रण पालन)
राजपूतों के लिए 'शरण में आए हुए' की रक्षा करना अपने प्राणों से भी बढ़कर था। "प्राण जाए पर वचन न जाई" उनके जीवन का मूल मंत्र था। चाहे वह हम्मीर देव चौहान का शरणागत के लिए अलाउद्दीन खिलजी से लोहा लेना हो या अन्य उदाहरण, उन्होंने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
2. वीरता और आत्मसम्मान (केसरिया और जौहर)
जब जीत असंभव लगती थी, तब राजपूत योद्धा 'केसरिया' (अंतिम युद्ध के लिए निकलना) करते थे और वीरांगनाएं 'जौहर' करती थीं। यह हार स्वीकार न करने और अपनी गरिमा को सर्वोच्च रखने का एक ऐसा प्रमाण था जिसका उदाहरण विश्व इतिहास में दुर्लभ है।
3. युद्ध कौशल और मर्यादा
राजपूत युद्ध के मैदान में भी नीति और मर्यादा का पालन करते थे। निहत्थे पर वार न करना और पीठ न दिखाना उनकी वीरता का हिस्सा था। महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और राणा सांगा जैसे योद्धाओं की वीरता की कहानियाँ आज भी प्रेरणा देती हैं।
"सिंहों की दहाड़ और तलवारों की खनक, इतिहास गवाह है कि जब-जब धर्म और देश पर संकट आया, राजपूत ढाल बनकर खड़े हुए।"

JASWANT RATHORE

1

2

Nariyal Pani Chennai To Kolkata Highway NH16 #truck driver life

Maksood

0

2

Entertainment Short video

Rajesh

1

4