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प्रातःकाल व्रजधाम में श्रीराधारानी जी की मधुर सुबह आरती होती है। जैसे ही मंदिर के कपाट खुलते हैं, शंखनाद और घंटियों की दिव्य ध्वनि वातावरण को पावन कर देती है। भक्त प्रेमपूर्वक “जय श्रीराधे” का उच्चारण करते हुए आरती में सम्मिलित होते हैं। राधारानी जी के मुखमंडल पर कोमल मुस्कान और नेत्रों में करुणा की छटा झलकती है। फूलों और सुगंधित धूप से सजा हुआ मंदिर भक्तों के मन को शांति और आनंद से भर देता है। इस पावन दर्शन से हृदय में भक्ति, प्रेम और सच्ची आस्था का संचार होता है।
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