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Clipo

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sahud

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⁣आज की गुलामी अक्सर
सोने की जंजीरों जैसी होती है—
सोच की, डर की, लालच की,
और कभी-कभी सिस्टम की।
हम आज भी
गरीबी से,
भ्रष्टाचार से,
नफ़रत और भेदभाव से,
और सबसे ज़्यादा अपनी चुप्पी से गुलाम हैं।
आज़ादी सिर्फ़ झंडा फहराने से नहीं आती,
जब तक इंसान की सोच, पेट और आत्मसम्मान आज़ाद न हों।

ATOPLAYGKKNOWLEDGECHANNEL

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Radha Krishna ♥️🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏♥️😘🙏♥️😘🙏♥️🙏♥️🙏♥️🙏♥️🙏🙏

SumanSharma

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durgesh nai se hi iska samadhan ho sakta h

the_comic_man0

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mt15 on 3rd gear

ABHI7771RIDER

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कौन सा पानी चाहिए l

Apni_medicinDk

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