चालाक चूहा और घमंडी बिल्ली – भाग 2 अनाज की बोरी गिरने के बाद शेरू बिल्ली को अपनी गलती का एहसास हो गया था। वह शर्मिंदा होकर एक कोने में बैठ गई। कुछ देर बाद उसने धीमी आवाज़ में कहा, “चिंटू, आज तुमने मुझे हरा दिया, लेकिन यह सिर्फ किस्मत थी।” चिंटू मुस्कराया और बोला, “शेरू, यह किस्मत नहीं, समझदारी थी।”