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— Team ApnaTube

Kurze Hose Erstellen

Jai shree Ram 🙏🔱
jai siyaram 🔱
jai bajrangbali ❤️

jituu_meena

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आप लोग मेरे चैनल को सब्सक्राइब करो मैं भी आपके चैनल को सब्सक्राइब कर दूंगी

Neha

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movie explained in Hindi, Hollywood movie

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jai baba mahakal
jai ho shiv shambhu
jai kedarnath thankyou support by bhakti marg

khatushyam

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इतिहास के पन्नों में राजपूतों का शौर्य, साहस और बलिदान वास्तव में अतुलनीय रहा है। जब हम "राजपूतों की तरह लड़ने" की बात करते हैं, तो उसका अर्थ केवल युद्ध नहीं, बल्कि एक खास जीवन दर्शन और नैतिक संहिता (Ethos) से होता है।
यहाँ कुछ ऐसे गुण दिए गए हैं जो राजपूत योद्धाओं की पहचान रहे हैं:
1. शरणागत की रक्षा (प्रण पालन)
राजपूतों के लिए 'शरण में आए हुए' की रक्षा करना अपने प्राणों से भी बढ़कर था। "प्राण जाए पर वचन न जाई" उनके जीवन का मूल मंत्र था। चाहे वह हम्मीर देव चौहान का शरणागत के लिए अलाउद्दीन खिलजी से लोहा लेना हो या अन्य उदाहरण, उन्होंने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
2. वीरता और आत्मसम्मान (केसरिया और जौहर)
जब जीत असंभव लगती थी, तब राजपूत योद्धा 'केसरिया' (अंतिम युद्ध के लिए निकलना) करते थे और वीरांगनाएं 'जौहर' करती थीं। यह हार स्वीकार न करने और अपनी गरिमा को सर्वोच्च रखने का एक ऐसा प्रमाण था जिसका उदाहरण विश्व इतिहास में दुर्लभ है।
3. युद्ध कौशल और मर्यादा
राजपूत युद्ध के मैदान में भी नीति और मर्यादा का पालन करते थे। निहत्थे पर वार न करना और पीठ न दिखाना उनकी वीरता का हिस्सा था। महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और राणा सांगा जैसे योद्धाओं की वीरता की कहानियाँ आज भी प्रेरणा देती हैं।
"सिंहों की दहाड़ और तलवारों की खनक, इतिहास गवाह है कि जब-जब धर्म और देश पर संकट आया, राजपूत ढाल बनकर खड़े हुए।"

JASWANT RATHORE

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