close

Important Announcement
Title, thumbnail ya video me agar abusing, adult ya sexually explicit content paya gaya to channel bina kisi warning ke permanent delete kar diya jayega. Yeh rule turant lagu hai. Ab tak 350+ channels delete kiye ja chuke hain. Kripya kisi bhi prakar ka adult ya abusive content upload na karein. Rule violate hone par channel bina bataye delete ho jayega.


— Team ApnaTube

শর্টস সৃষ্টি

ronlado vs virat kohali vs baba rabov vs

Cartoon Channle

2

7

⁣Crazy Cartoon House

Crazy_Cartoon_House

0

1

money 🤑 is because topawar mony

103880142574330422736

2

6

nature ⛈️💚🏔️🌳🌳❤️🌿

Istkar Salmani

9

22

इतिहास के पन्नों में राजपूतों का शौर्य, साहस और बलिदान वास्तव में अतुलनीय रहा है। जब हम "राजपूतों की तरह लड़ने" की बात करते हैं, तो उसका अर्थ केवल युद्ध नहीं, बल्कि एक खास जीवन दर्शन और नैतिक संहिता (Ethos) से होता है।
यहाँ कुछ ऐसे गुण दिए गए हैं जो राजपूत योद्धाओं की पहचान रहे हैं:
1. शरणागत की रक्षा (प्रण पालन)
राजपूतों के लिए 'शरण में आए हुए' की रक्षा करना अपने प्राणों से भी बढ़कर था। "प्राण जाए पर वचन न जाई" उनके जीवन का मूल मंत्र था। चाहे वह हम्मीर देव चौहान का शरणागत के लिए अलाउद्दीन खिलजी से लोहा लेना हो या अन्य उदाहरण, उन्होंने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
2. वीरता और आत्मसम्मान (केसरिया और जौहर)
जब जीत असंभव लगती थी, तब राजपूत योद्धा 'केसरिया' (अंतिम युद्ध के लिए निकलना) करते थे और वीरांगनाएं 'जौहर' करती थीं। यह हार स्वीकार न करने और अपनी गरिमा को सर्वोच्च रखने का एक ऐसा प्रमाण था जिसका उदाहरण विश्व इतिहास में दुर्लभ है।
3. युद्ध कौशल और मर्यादा
राजपूत युद्ध के मैदान में भी नीति और मर्यादा का पालन करते थे। निहत्थे पर वार न करना और पीठ न दिखाना उनकी वीरता का हिस्सा था। महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और राणा सांगा जैसे योद्धाओं की वीरता की कहानियाँ आज भी प्रेरणा देती हैं।
"सिंहों की दहाड़ और तलवारों की खनक, इतिहास गवाह है कि जब-जब धर्म और देश पर संकट आया, राजपूत ढाल बनकर खड़े हुए।"

JASWANT RATHORE

1

2

intertenment #video

Rani_Yadav_7

7

17