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מִכְנָסַיִים קְצָרִים

mere baba

ujjain_sarkar_mahakal

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⁣And comment Or Subecribe

usmanjss

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khana

pankajkhiriya

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meena

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⁣गीता का तीसरा श्लोक
हमें यह सिखाता है कि
जहाँ अहंकार होता है, वहाँ भीतर कहीं न कहीं भय छिपा होता है।

दुर्योधन अपनी सेना की विशालता देखकर भी
निश्चिंत नहीं है।
वह गुरु द्रोणाचार्य के पास जाकर
सेना की गिनती करवाता है।

यह श्लोक बताता है कि
जो व्यक्ति स्वयं धर्म पर नहीं खड़ा होता,
वह शक्ति के होते हुए भी
अस्थिर रहता है।

जीवन में भी जब हम
केवल संख्या, पद और बल पर भरोसा करते हैं,
तो भीतर का भय समाप्त नहीं होता।

गीता हमें सिखाती है —
सच्ची शक्ति धर्म से आती है,
और धर्म आत्मविश्वास देता है।

यह श्लोक
अहंकार और असुरक्षा के
सूक्ष्म अंतर को उजागर करता है।

अगर आप जीवन में
डर के कारणों को समझना चाहती हैं,
तो यह श्लोक आपके लिए है। 🌿

🙏 धन्यवाद —
गीता को पढ़ने के लिए नहीं,
स्वयं को पढ़ने के लिए।

its_Geetaji

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Bir-e-Haa wo mubarak kunwa tha jo
Masjid Nabawi ke qareeb waqia tha 🤍
Jahan RasoolAllah ﷺ pani nosh farmate the
Aur jise Hazrat Abu Talha (RA) ne Allah ke liye qurban kar diya 🤲

VoiceOfHaq

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