राहुल हमेशा खुद को कमजोर समझता था। लोग कहते—“तुमसे नहीं होगा।” पर एक दिन उसने अपने मन की आवाज़ सुनी—“अगर तुम कोशिश नहीं करोगे, कभी नहीं जान पाओगे।” उसने डर को पीछे छोड़ा और हर दिन थोड़ा-थोड़ा मेहनत की। गिरा, संभला, फिर गिरा, फिर उठ खड़ा हुआ। उसने मुस्कुराते हुए कहा—“सबसे बड़ी ताकत खुद पर विश्वास है।” उसी दिन उसने जाना—जब इंसान खुद पर भरोसा करता है, तो पूरी दुनिया उसके साथ होती है।