close

ApnaTube Android App ab available hai.
Videos dekhiye, points earn kijiye aur apna content upload kijiye. Download App: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.apnatube.in

Шорты

सीता के प्राकट्य का पावन पर्व 🌸
सीता अष्टमी, जिसे जानकी अष्टमी भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और श्रद्धा से भरा पर्व है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की जाती है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, माता सीता का जन्म सामान्य रूप से नहीं हुआ था। वे मिथिला के राजा जनक को खेत जोतते समय धरती से प्राप्त हुई थीं, इसलिए उन्हें भूमिजा, अयोनिजा और जनकनंदिनी भी कहा जाता है। माता सीता पवित्रता, त्याग, धैर्य, करुणा और मर्यादा की जीवंत प्रतिमूर्ति हैं।
माता सीता का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धर्म, सत्य और संयम का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। वनवास, रावण द्वारा अपहरण और अनेक कष्ट सहने के बावजूद माता सीता ने कभी भी अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया। वे नारी शक्ति, सहनशीलता और आत्मसम्मान का सर्वोच्च उदाहरण हैं।
सीता अष्टमी के दिन भक्तजन माता सीता और भगवान श्रीराम की विशेष पूजा करते हैं। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और रामायण पाठ, भजन-कीर्तन एवं कथा का आयोजन करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा से परिवार में सुख-शांति, वैवाहिक जीवन में मधुरता और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मर्यादा, संस्कार और नारी सम्मान का संदेश भी देता है। माता सीता का चरित्र हमें यह प्रेरणा देता है कि सच्ची शक्ति शांति, धैर्य और धर्म में निहित होती है।
🌼 संदेश
माता सीता का जीवन हमें सिखाता है —
“मर्यादा में रहकर भी महान बना जा सकता है।”
🙏 जय माता सीता
🙏 जय श्रीराम
🙏 अगर आप माता सीता में आस्था रखते हैं तो वीडियो को Like जरूर करें
🌸 सीता अष्टमी के पावन अवसर पर Like करके आशीर्वाद पाएं
❤ माता सीता के चरणों में Like आपका छोटा सा समर्पण है

Mukesh90

3

5

couple relationship
love relationship
cute relationship
romentic relationship

samm__anvi

4

12

_ghaffarbhai

tarunsharma3483

4

16

jay mamaji

d_p_film_studio

0

1

1 miliyan view

6ae313618

0

5

siddu 🥹

siddu

1

7