प्रातःकाल गिरिराज जी के दर्शन करते ही मन श्रद्धा और शांति से भर जाता है। उगते सूर्य की स्वर्णिम किरणें गिरिराज महाराज के पावन स्वरूप को आलोकित करती हैं। चारों ओर हरियाली, शीतल वायु और भक्तों की मधुर जयकार से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। गिरिराज जी की परिक्रमा करते हुए हृदय में प्रेम, विश्वास और समर्पण का भाव जागृत होता है। ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं श्रीकृष्ण की कृपा बरस रही हो। सुबह के दर्शन आत्मा को शुद्ध करते हैं, मन की चिंताएँ दूर होती हैं और दिन भर के लिए सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक बल प्रदान करते हैं।