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श्रीमद्भगवद्गीता का पहला श्लोक केवल एक संवाद नहीं,
जीवन के सबसे गहरे प्रश्न की शुरुआत है।
धृतराष्ट्र का प्रश्न —
“धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे…”
यह प्रश्न आज भी हर मनुष्य के भीतर गूंजता है।
जब जीवन धर्म और अधर्म के बीच खड़ा होता है,
तब मन पूछता है — अब क्या होगा?
गीता का पहला श्लोक हमें सिखाता है कि
जहाँ धर्म होता है,
वहाँ प्रश्न होते हैं,
संघर्ष होता है,
और वहीं से ज्ञान का जन्म होता है।
यह चैनल गीता को केवल श्लोक के रूप में नहीं,
बल्कि जीवन के मार्गदर्शन के रूप में प्रस्तुत करता है।
अगर आप शांति, समझ और आत्मबोध की तलाश में हैं,
तो यह यात्रा आपके लिए है। 🌸
🙏 सुनने के लिए नहीं,
जीने के लिए।
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