close

testing

Şort

⁣गीता का चौथा श्लोक
हमें यह दिखाता है कि
जो भीतर से डगमगाता है,
वह बाहर से शक्ति का प्रदर्शन करता है।

दुर्योधन अपने पक्ष के
महावीर योद्धाओं के नाम गिनाता है —
मानो वह दूसरों को नहीं,
खुद को समझा रहा हो कि वह मजबूत है।

यह श्लोक सिखाता है कि
जब आत्मविश्वास भीतर से आता है,
तो उसे शब्दों में साबित करने की ज़रूरत नहीं होती।

जीवन में भी जब हम
बार-बार अपनी उपलब्धियाँ गिनाने लगती हैं,
तो यह संकेत होता है कि
हम भीतर कहीं असुरक्षित हैं।

गीता का यह श्लोक
हमें सिखाता है कि
सच्ची शक्ति शोर नहीं करती,
वह शांत होती है।

अगर आप जीवन में
शक्ति और अहंकार के अंतर को समझना चाहती हैं,
तो यह श्लोक आपके लिए है। 🌸

🙏 धन्यवाद —
शब्दों को सुनने के लिए नहीं,
भाव को समझने के लिए।

its_Geetaji

0

3

✨😉

sonujaatni

1

5

new video jaslmer vew
less

jairamxyz

0

4

Intro to Freedom: A Journey Beyond Boundaries Victor Run edit

liteeditlvl

4

31

🙏🙏🙏🙏

d969f09b8

3

12

Ramayan_Dialogue_Status___रामायण_डायलॉग___कभी_कभी_आँखों_से_देखा_हुआ_भी_सत्य_नहीं_होता

pinkigopalbaghe

3

25