मन तब तक हमारे ऊपर हावी रहता है, जब तक हम उसे अपना मित्र माने रहते हैं। जिस दिन मन को साध लिया, उसी दिन जीवन की दिशा बदल जाती है। प्रेमानंद महाराज जी के ये वचन हमें आत्मचिंतन और साधना का मार्ग दिखाते हैं। मन पर नियंत्रण मन और आत्मा प्रेमानंद महाराज आध्यात्मिक ज्ञान साधना का मार्ग भक्ति और वैराग्य