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מִכְנָסַיִים קְצָרִים

⁣गीता का सातवाँ श्लोक
हमें यह सिखाता है कि
भीतरी असुरक्षा अक्सर बाहरी घमंड के पीछे छिपी होती है।

दुर्योधन अपनी सेना की ताकत और पांडवों की स्थिति जानने के लिए
गुरु द्रोणाचार्य और अन्य वरिष्ठों से पूछता है।
वह केवल संख्या नहीं देखता,
बल्कि भीतरी भय और असुरक्षा का सामना कर रहा होता है।

यह श्लोक हमें जीवन में यह समझने में मदद करता है कि
जो व्यक्ति केवल बाहरी शक्ति पर भरोसा करता है,
वह कभी सच्चे आत्मविश्वास को महसूस नहीं कर पाता।

गीता का यह श्लोक
हमें सिखाता है कि सच्ची ताकत भीतर से आती है, भय से नहीं।

अगर आप चाहते हैं कि
आपकी आंतरिक शक्ति मजबूत हो और भय दूर हो,
तो यह श्लोक आपके लिए है। 🌿

🙏 धन्यवाद —
सिर्फ़ सुनने के लिए नहीं,
भीतर से समझने के लिए।

its_Geetaji

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devkishangoyal

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मारूति dezire

saksham214

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8

ye bahut galt kar rha he ye ladka isko kyu mar rha he

sksherkhannkt

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17

rajanjaiswal01

121a3f565

0

3

Mero_balam_laya_fortuner#short video #trending video #funny video #viral video

ANIMATEDDANCEVIBES

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