शाम का समय आता है और यादें ताजा हो जाती हैं, जब बचपन में हम दोस्तों के साथ पार्क में खेलते थे. कभी-कभी हम आसमान में उड़ते पतंगों को देखते हुए अपनी खुशियों के पल को जीते थे.
झूलते हुए, हम सपनों की दुनिया में खो जाते थे, जहाँ हर झूला एक नई कहानी कहता था. पेड़ों की छांव में हम छुपन-छुपाई खेलते थे, जहाँ हर पल नई खोज का अनुभव होता था.
सूरज जब ढलता था, तो हम अपने सपनों को साझा करते थे, जहाँ हर गाड़ी एक नई दौड़ होती थी
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bhaichara on top 🔝🎩🤣🤣🤣
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मेरे तन में भी राम मेरे मन में भी राम | Ram Bhajan 2025 | Shri Ram Dhun | Hanuman Bhakti #clipo