बसंत पंचमी के पावन अवसर पर राधा रानी जी की सुबह के दर्शन अत्यंत मनोहारी और दिव्य होते हैं। इस दिन मंदिर पीले फूलों, वस्त्रों और सुगंधित पुष्पों से सुसज्जित रहता है। प्रातःकाल मंगल आरती के समय शंख, घंटा और मधुर भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। राधा रानी जी को बसंत ऋतु के अनुरूप पीत वस्त्र धारण कराए जाते हैं, जो प्रेम और आनंद का प्रतीक हैं। दीपों की उज्ज्वल ज्योति में उनका मुखमंडल अलौकिक सौंदर्य से दमक उठता है। भक्तजन श्रद्धा से दर्शन कर राधा रानी की कृपा प्राप्त करते हैं।