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— Team ApnaTube

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👉જય દ્વારકાધીશ લખજો.✅
👉જય ઠાકર.🙏

Ajay Gohil

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gaming boy

Guarav shakya

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jyotish

RAMRATANTIWARI

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Select or upload a picture that shows what's in your video. A good thumbnail stands out and draws viewers' attention

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Jodhpur

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By - Sadhgurudev Dr. Narayan Dutt Shrimali Ji (Swami Nikhileshwaranand Ji Maharaj)
गुरुदेव डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली जी (स्वामी निखिलेश्वरानंद जी महाराज)


|| श्री गुरु चालीसा || (Lyrics)

दोहा

प्रन्वाऊ प्रथम गुरु चरण, बुद्धि ज्ञान गुन खान l
श्रीगणेश शारदसहित, बसों ह्रदय में आन ll
अज्ञानी मति मंद मैं, हैं गुरुस्वामी सुजान l
दोषोंसेमैं भरा हुआ तुम हो कृपा निधान ll

चौपाई
जय नारायण जय निखिलेश्वर l
विश्व प्रसिद्ध अखिल तंत्रेश्वर ll

यंत्र-मंत्र विज्ञानं के ज्ञाता l
भारत भू के प्रेम प्रेनता ll

जब जब हुई धरम की हानि l
सिद्धाश्रम ने पठए ज्ञानी ll

सच्चिदानंद गुरु के प्यारे l
सिद्धाश्रम से आप पधारे ll
उच्चकोटि के ऋषि-मुनि स्वेच्छा l
आय करन धरम की रक्षा ll

अबकी बार आपकी बारी l
त्राहि त्राहि है धरा पुकारी ll

मरुन्धर प्रान्त खरंटिया ग्रामा l
मुल्तानचंद पिता कर नामा ll

शेषशायी सपने में आये l
माता को दर्शन दिखलाये ll

रुपादेवि मातु अति धार्मिक l
जनम भयो शुभ इक्कीस तारीख ll

जन्म दिवस तिथि शुभ साधक की l
पूजा करते आराधक की ll

जन्म वृतन्त सुनाये नवीना l
मंत्र नारायण नाम करि दीना ll

नाम नारायण भव भय हारी l
सिद्ध योगी मानव तन धारी ll

ऋषिवर ब्रह्म तत्व से ऊर्जित l
आत्म स्वरुप गुरु गोरवान्वित ll

एक बार संग सखा भवन में l
करि स्नान लगे चिन्तन में ll

चिन्तन करत समाधि लागी l
सुध-बुध हीन भये अनुरागी ll

पूर्ण करि संसार की रीती l
शंकर जैसे बने गृहस्थी ll

अदभुत संगम प्रभु माया का l
अवलोकन है विधि छाया का ll

युग-युग से भव बंधन रीती l
जहाँ नारायण वहीं माँ भगवती ll

सांसारिक मन हुए अति ग्लानी l
तब हिमगिरी गमन की ठानी ll

अठारह वर्ष हिमालय घूमे l
सर्व सिद्धिया गुरु पग चूमें ll

त्याग अटल सिद्धाश्रम आसन l
करम भूमि आये नारायण ll

धरा गगन ब्रह्माण्ड में गूंजी l
जय गुरुदेव साधना पूंजी ll

सर्व धर्महित शिविर पुरोधा l
कर्मक्षेत्र के अतुलित योधा ll

ह्रदय विशाल शास्त्र भण्डारा l
भारत का भौतिक उजियारा ll

एक सौ छप्पन ग्रन्थ रचयिता l
सिद्धि साधक विश्व विजेता ll

प्रिय लेखक प्रिय गूढ़ प्रवक्ता l
भुत-भविष्य के आप विधाता ll

आयुर्वेद ज्योतिष के सागर l
षोडश कला युक्त परमेश्वर ll

रतन पारखी विघन हरंता l
सन्यासी अनन्यतम संता ll

अदभुत चमत्कार दिखलाया l
पारद का शिवलिंग बनाया ll

वेद पुराण शास्त्र सब गाते l
पारेश्वर दुर्लभ कहलाते ll

पूजा कर नित ध्यान लगावे l
वो नर सिद्धाश्रम में जावे ll

चारो वेद कंठ में धारे l
पूजनीय जन-जन के प्यारे ll

चिन्तन करत मंत्र जब गायें l
विश्वामित्र वशिष्ठ बुलायें ll

HK Hemant Kumar

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