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#rockyvlog08

rockyvlog08
20 Mga view · 2 buwan kanina

Kumeli Mela 2026: Itna Bada Mela? 😱 🎢🎡 #rockyvlog08 #mela कुमेली जलप्रपात (Kumeli Waterfall) छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्थित एक खूबसूरत और लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और चट्टानों के बीच गिरते पानी के लिए जाना जाता है, खासकर बरसात के मौसम में यह मनमोहक लगता है, हालांकि फिसलन भरी चट्टानों और सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन प्रशासन अब यहाँ सुविधाओं (शौचालय, पेयजल) और विकास पर ध्यान दे रहा है ताकि यह और बेहतर पर्यटन स्थल बन सके।


मुख्य आकर्षण (Highlights):

प्राकृतिक सौंदर्य: यह घने जंगल और चट्टानों के बीच स्थित है, जो इसे बहुत प्राकृतिक और शांत बनाता है।

पिकनिक स्पॉट: नए साल और सर्दियों में यहाँ बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने आते हैं।

मनोरम दृश्य: ऊँचाई से आसपास के नज़ारे और झरना देखना एक शानदार अनुभव है।

सुविधाएँ और विकास (Amenities & Development):

प्रशासनिक प्रयास: सूरजपुर जिला प्रशासन इसके विकास पर काम कर रहा है, जिसमें पहुँच मार्गों में सुधार और सुविधाएं शामिल हैं।

सुधार: पर्यटकों की सुरक्षा, भोजन, पेयजल, शौचालय और पैगोडा हट्स (छतरियों) जैसी सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है।

ध्यान रखने योग्य बातें (Things to Note):

फिसलन: यहाँ की चट्टानें बहुत फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए सावधानी बरतें।

सुरक्षा: पानी के पास या ऊँचाई पर जाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।

अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management): पर्यटकों से कचरा न फैलाने की अपील की जाती है।

पहुँच (Accessibility): यह सूरजपुर मुख्यालय से लगभग 25-30 किलोमीटर दूर है और केतका रोड और राजापुर रोड से पहुँचा जा सकता है।

संक्षेप में, कुमेली जलप्रपात प्रकृति प्रेमियों और परिवारों के लिए एक शानदार जगह है, जहाँ वे प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं, लेकिन सावधानी और स्थानीय नियमों का पालन करना ज़रूरी है।

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DISCLAIMER:
*Copyright Disclaimer under section 107 of the copyright act 1976, allowance is made for fair use for purposes such as criticism, comment, news reporting, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing.

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rockyvlog08
17 Mga view · 2 buwan kanina

Tatapani me mela ka tayari hona suru ho gaya hai ( 2026 )ka mela 🛕🚩🙏 #rockyvlog08 #tatapani तातापानी शिव मंदिर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जो अपने प्राकृतिक गर्म जल कुंडों (गर्म पानी के झरने) और विशाल शिव प्रतिमा के लिए जाना जाता है; यहां मकर संक्रांति पर विशाल मेला लगता है, और भक्तगण शिवजी को जल चढ़ाते हैं, जिससे यह स्थान साल भर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र रहता है।

मुख्य विशेषताएँ :
गर्म जल कुंड 'ताता' का अर्थ 'गर्म' होता है, और यहाँ कई कुंड हैं जिनमें इतना गर्म पानी निकलता है कि चावल, अंडे उबाले जा सकते हैं; स्थानीय मान्यता है कि इन कुंडों में स्नान से चर्म रोग ठीक होते हैं।

विशाल शिव प्रतिमा :
यहाँ भगवान शिव की एक भव्य प्रतिमा स्थापित है, जिसे 'तपेश्वर महादेव' के नाम से भी जाना जाता है।

प्राचीनता :
मंदिर और यहाँ की मूर्तियाँ काफी प्राचीन मानी जाती हैं, जिससे भक्तों की गहरी आस्था है।

मकर संक्रांति मेला :
हर साल मकर संक्रांति पर यहाँ तीन दिवसीय मेला लगता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु आते हैं और कांवड़ यात्रा के माध्यम से जल चढ़ाते हैं।

धार्मिक महत्व :
सावन माह में भी यहाँ कांवड़ियों का भारी जमावड़ा होता है, जो पवित्र नदियों से जल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं।

स्थान :
यह छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अंबिकापुर-रामानुजगंज मार्ग (NH 343) पर स्थित है, जो बलरामपुर मुख्यालय से लगभग 12 किमी दूर है।

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DISCLAIMER:
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rockyvlog08
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तमता पहाड़ पर लगा तीन दिवसीय मेल // जशपुर तमता मेला 2026 🎢🎡🎪 #rockyvlog08 #mela #tamta #tamtamela jashpur Tamta Mela: यहां के नजदीक ग्राम तमता में आयोजित तीन दिवसीय मेले में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचकर पहाड़ पर स्थित केशलापाठ देवता के दर्शन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहार छेरछेरा के दिन से शुरू होने वाले इस मेले में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी लोग पहुंचकर केशलापाठ देवता एवं भोलेनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

Mela ka kahani : बताया जाता है कि यह परंपरा यहां पिछले कई दशकों से निरंतर चली आ रही है। छेरछेरा पर्व के अवसर पर तमता पहाड़ पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। तीन दिनों तक चलने वाला यह तमता मेला मंगलवार को संपन्न हुआ।

रविवार को क्षेत्रीय विधायक गोमती साय भी केशलापाठ देवता के दर्शन के लिए पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने केशलापाठ देवता एवं भोलेनाथ के दर्शन कर प्रदेश और विधानसभा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। उनके अलावा जिला पंचायत सदस्य सालिक साय, जिला कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अधिकारी भी केशलापाठ देवता के दर्शन कर चुके हैं। बताया जाता है कि यह परंपरा यहां पिछले कई दशकों से निरंतर चली आ रही है। छेरछेरा पर्व के अवसर पर तमता पहाड़ पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। तीन दिनों तक चलने वाला यह तमता मेला मंगलवार को संपन्न हुआ।

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माँ कुदरगढ़ी देवी मंदिर का सम्पूर्ण दर्शन ( कुदरगढ़ मंदिर सूरजपुर ) 🛕🚩🙏 // #rockyvlog08 #kudargarh

कुदरगढ़, भारतके छत्तीसगढ़ राज्य के सूरजपुर जिलेमें स्थित एक महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थ स्थल है, जो देवी कुदरगढ़ीको समर्पित अपने प्राचीन पत्थर से निर्मित मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर घने जंगलों के बीच एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जहां कई सीढ़ियों से पहुंचा जा सकता है, और कुदरगढ़ महोत्सवजैसे जीवंत वार्षिक उत्सवों के लिए जाना जाता है , जो समृद्धि के लिए आशीर्वाद चाहने वाले भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करता है।

प्रमुख पहलू:
देवी: कुदरगढ़ी देवी (जिन्हें बाल रूप में मां बागेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है)।

स्थान: ओडागी ब्लॉक, सूरजपुर जिले में, जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर, एक जंगल में स्थित।

मंदिर: एक प्राचीन संरचना, संभवतः 17वीं शताब्दी की, जिसे पत्थरों को तराशकर बनाया गया है, और तीर्थयात्रियों को इस पर लगभग 893 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।

महत्व: छत्तीसगढ़ में एक शक्तिशाली शक्ति पीठ और एक प्रमुख धार्मिक केंद्र।

त्यौहार: कुदरगढ़ महोत्सव एक प्रमुख आयोजन है, जिसमें पारंपरिक संगीत, नृत्य और जुलूसों के साथ देवी का उत्सव मनाया जाता है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: चैत्र नवरात्रि के दौरान (लगभग अप्रैल में) उत्सव के माहौल के लिए, या आमतौर पर ठंडे महीनों के दौरान।

पहुँचने के लिए कैसे करें:
निकटतम हवाई अड्डा: रायपुर।
निकटतम रेलवे स्टेशन: सूरजपुर।

सड़क मार्ग: आसपास के क्षेत्रों से बस और टैक्सी द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है, और यह हर मौसम में उपयोग योग्य सड़कों से जुड़ा हुआ है।

तीर्थयात्रा का अनुभव:
ट्रेकिंग: चढ़ाई में विश्राम स्थल, पानी और सेल्फी लेने के लिए स्थान शामिल हैं।

अर्पण: मनोकामना पूरी होने पर भक्त बलिदान (जैसे बकरियों का) अर्पित कर सकते हैं।

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महामाया मंदिर और वाटर पार्क अंबिकापुर घुमने पहुंचे फिर हम लोग के साथ किया हुआ ? 🛕🏞😭 #rockyvlog08 अंबिकापुर का महामाया मंदिर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित एक प्राचीन और महत्वपूर्ण शक्तिपीठ है, जिसका नामकरण देवी महामाया (अंबिका देवी) के नाम पर हुआ है, जहाँ उनकी धड़ की पूजा होती है, जबकि सिर रतनपुर के मंदिर में माना जाता है, और यह मंदिर सरगुजा राजपरिवार की कुलदेवी भी हैं, जहाँ नवरात्रि में विशेष उत्सव होता है.

इतिहास: 1910 में महाराजा रघुनाथ शरण सिंह देव ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था, हालांकि इससे पहले भी यह एक चबूतरे के रूप में मौजूद था, जहाँ बाघ बैठा करता था.

कुलदेवी: यह मंदिर सरगुजा राजघराने की कुलदेवी हैं, और राजपरिवार के सदस्य विशेष पूजा-अर्चना करते हैं.

श्रद्धा और रहस्य: यह मंदिर अपनी चमत्कारी शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है; ऐसी मान्यता है कि यहाँ गलत कसम खाने वालों को देवी दंड देती हैं.

पुष्प वाटिका अम्बिकापुर (Pushp Vatika Ambikapur) वसुंधरा विहार में स्थित एक लोकप्रिय स्थान है, जो अपनी कॉफी, चाय और हल्के भोजन विकल्पों के लिए जाना जाता है। यह जगह समूहों और परिवारों के लिए अच्छी है और यहाँ बैठने की उचित व्यवस्था है।

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