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5 Vues · 1 mois depuis

सेक्यूलर हिंदू की इस्लामिक दरगाह में पिटाई

- देवा शरीफ दरगाह में चादर चढ़ाने गया था हर्षित शर्मा

- इस्लामिक कट्टरपंथियों ने मिटा दिया हर्षित का तिलक

पानी से तिलक को मिटाया फिर पिटाई की

UP के बाराबंकी की है घटना

बाराबंकी के पास में ही अयोध्या श्रीराम मंदिर है लेकिन हर्षित शर्मा दरगाह में चादर चढ़ाने गए थे

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1 Vues · 2 mois depuis

डेमोग्राफी का खतरनाक खेल
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भारत में मुस्लिम आबादी 35%++ हैं और ज्यादातर मदरसे में पढ़े हैं इसलिए 20 साल बाद गृहयुद्ध,नरसंहार,हत्या,बलात्कार और विभाजन निश्चित है।
लव जिहाद,लैंड जिहाद,ड्रग जिहाद,घुसपैठ जिहाद,धर्मांतरण जिहाद,जनसंख्या जिहाद-ये सब भारत की डेमोग्राफी को तेजी से बदल रहें हैं।यदि कठोर कानून तत्काल लागू नहीं किया गया तो 20 वर्ष बाद या तो कन्वर्ट होना पड़ेगा।जैसे यश चोपड़ा, प्रेम चोपड़ा,सुनील दत्त,देवानंद,राज कपूर,राजेन्द्र कुमार, गुलजार,मनमोहन सिंह,खुशवंत सिंह,मिल्खा सिंह,इंद्र कुमार गुजराल,राम जेठमलानी और लालकृष्ण आडवाणी जी की तरह मकान,दुकान,खेत,खलिहान,उद्योग,व्यापार आदि सब छोड़ कर भागना होगा।
यदि विकास करने से देश सुरक्षित होता तो विकास के मामले में फ्रांस और स्विट्जरलैंड हमसे बहुत अधिक आगे है।
वर्ष 1805 में अफगानिस्तान के प्रधानमंत्री पंडित नंदराम टिक्कू ने बहुत विकास किया था और 10 साल बाद उन्हें खदेड़ दिया गया और आज वहां एक भी हिंदू,जैन,बौद्ध,सिख नहीं बचा।
यदि मठ-मंदिर गुरुद्वारा बनाने से हिंदू,जैन,बौद्ध,सिख सुरक्षित होते तो अफगानिस्तान,पाकिस्तान,बांग्लादेश में हज़ारों मठ- मंदिर और गुरुद्वारे थे मगर जनसंख्या बढ़ी और सभी का नामोनिशान मिटा दिया गया।
यदि गौशाला,धर्मशाला,गुरुकुल बनाने से हिंदू,जैन,बौद्ध,सिख सुरक्षित होते तो अफगानिस्तान,पाकिस्तान,बांग्लादेश में भी हजारों गौशाला,धर्मशाला और गुरुकुल थे जो जनसंख्या बढ़ते ही जमीन में दफन कर दिए गए।
यदि कथा,पूजा,दान,हवन,ध्यान,साधना करने से हिंदू,जैन, बौद्ध,सिख सुरक्षित होते तो अफगानिस्तान,पाकिस्तान, बांग्लादेश में हिंदू,जैन,बौद्ध,सिख का नामोनिशान नहीं मिटता।
100 वर्ष पहले विश्व की सबसे बड़ी भगवान बुद्ध की मूर्ति अफगानिस्तान में थी लेकिन अब वहां न मूर्ति बची है और न बौद्ध।
100 वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा जैन मंदिर मुल्तान में था लेकिन अब वहां मदरसा चलता है और न तो भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति है और न तो कोई जैन।
100 वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर गांधार (अफगानिस्तान) में था लेकिन अब उसका नामोनिशान तक नहीं है।न तो शिवलिंग बचा है और न ही शिवभक्त।
100 वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा विष्णु मंदिर कैकेय (पाकिस्तान) में था लेकिन अब उसका नामोनिशान तक नहीं है। न तो भगवान विष्णु की मूर्ति बची है और न ही विष्णु भक्त।
वर्ष 1971 में बांग्लादेश को बनवाने के लिए हमारे 20 हज़ार सैनिकों ने बलिदान दिया था लेकिन आज वहां से हिंदू,जैन, बौद्ध,सिख को अपना मकान, दुकान, खेत, खलिहान, उद्योग, व्यापार छोड़कर भागना पड़ रहा है।
वर्ष 1990 में कश्मीर से हिंदुओं को अपना मकान,दुकान, खेत,खलिहान,उद्योग,व्यापार सब छोड़ कर भागना पड़ा और आज तक उन्हें अपनी संपत्ति तक वापस नहीं मिली।
नेता कर क्या रहें हैं?
वोटजीवी,नोटजीवी और सत्ताजीवी नेता प्रतिदिन आरोप- प्रत्यारोप,तू-तू-मैं-मैं,नूरा-कुश्ती,बतोलेबाजी,भाषणबाजी और तू चोर मैं सिपाही करते हैं लेकिन जब बात आवश्यक मुद्दों पर आती है तो संसद में सभी राजनेता चुप्पी साध लेते हैं।
हिन्दुओं यदि अपना मकान,दुकान,खेत,खलिहान,उद्योग, व्यापार और त्योहार बचाना चाहते हैं तो दल की गुलामी छोड़ो औरअपने क्षेत्र के सांसद से मिल कर लव जिहाद,लैंड जिहाद, ड्रग जिहाद,घुसपैठ जिहाद,धर्मांतरण जिहाद और जनसंख्या जिहाद रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग करिए।
हिन्दुओं यदि अपने बच्चों को सुरक्षित देखना चाहते हैं तो नेताओं की जय जयकार करने की बजाय अपने सांसद से मिल कर समान शिक्षा,समान नागरिक संहिता (UCC),समान कर संहिता,समान व्यापार संहिता,समान जनसंख्या संहिता, समान पुलिस संहिता, समान न्याय संहिता, समान प्रशासनिक संहिता लागू करने की मांग करिए।
याद रखें आज के नेता 20 वर्ष बाद आपका मकान,दुकान, खेत, खलिहान, उद्योग, व्यापार और त्योहार बचाने नहीं आएंगे लेकिन आज का कठोर कानून ही आपका धन,धर्म और परिवार को बचाएगा।
दो रास्ते चुनें चीन जैसा कठोर कानून (कोई जिहाद नहीं) और इजरायल जैसा शक्ति का उपयोग (दुश्मन को कुचल दो)
अंतिम चेतावनी-अपने बच्चों को सुरक्षित देखना है,अपना घर- दुकान-त्योहार बचाना है तो जय जयकार बंद करो और अपने क्षेत्र के सांसद के पास जाओ।कानून बनवाओ।

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4 Vues · 2 mois depuis

💥 कांग्रेसियों आँखें खोलकर देखो और सुनो कि...

⚠️ नेहरू ने इन्दौर होलकर वंश के वारिस के बारे में जो फैसला किया था, वो अगर सभी कांग्रेसियों को पता चल जाए तो वो सभी कांग्रेसी , "सोनिया, राहुल व प्रियंका" को भारत से बाहर भेज देंगें ।

💥 ये वो इतिहास का कड़वा सच है, जो कांग्रेस खुद कभी नहीं चाहेगी कि आपको ( कांग्रेसियों को ) पता चले।

💥 जान लीजिए कि वह गुप्त राज क्या है ???

🙏 ...और सभी को फॉरवर्ड जरूर कीजिएगा !

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9 Vues · 2 mois depuis

सुवर के बच्चे की करतूत‌ देखो
अभी से ट्रेनिंग ले रहे है
हरामखोर ‌

ट्रेन को पटरी से नीचे उतारना इंजन को डिब्बो से अलग करना अभी से सीख रहे हैं

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6 Vues · 2 mois depuis

हमें इसे भूलना नहीं है और ना ही इसे भूलने देना है।

1990 के बाद पैदा हुई जवान पीढ़ी को सत्य से अवगत कराते रहना है ताकि अगर गलती से उन पर सेकुलरिज्म का भूत चढ़े तो समय रहते वह भूत उतर सके।

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8 Vues · 2 mois depuis

अपने आप को संत कहने वाले राम पाल के द्वारा हिंदुओं को बांटी जा रही पुस्तकें का असली सच आप भी जाने ओर आगे सभी को जागरूक करें और नकली हिंदू (राम पाल) के जाल में फंसने से बचें🙏

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6 Vues · 2 mois depuis

श्री अयोध्या जी के भगवान श्री राम लला के भव्य मन्दिर के दर्शन करे।

🙏जय श्री राम 🙏
🚩 🚩 🚩 🚩 🚩

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5 Vues · 2 mois depuis

हमने चूड़ी नहीं पहना हुआ है,

अभी तो हमने बांग्लादेश का झंडा जलाया है,

अगर कोई बंगलादेशी मिल गया तो उसको जिंदा जला देंगे।

उन्होंने हमारे हिन्दू भाई को जिंदा जला दिया, उसकी क्या गलती थी?

अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है, हम हमेशा भारत के लिए जिएंगे और मरेंगे।

: अरुणाचली युवक

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4 Vues · 2 mois depuis

25% दे रहे हैं 70% वालों को खुली चेतावनी...

जमकर निभाना हिंदुओं "भाईचारा"

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6 Vues · 2 mois depuis

नूपुर ने जो कहा वह Sahih Al Bukhari 1: Chapter 68, Hadith 5134 में दर्ज है अब या तो हदीस ग़लत है इस्लाम को यह स्वीकार करना होगा अन्यथा यह हदीस सही है तो
नूपुर की क्या गलती है !
कन्हैया को क्यों मारा ?

यह उत्तर इस्लाम को देना होगा !
मौलाना मौलवी जवाब दें !

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2 Vues · 2 mois depuis

वीडियो को पूरा देखें और पढ़े-लिखे मुसलमानों की हकीकत जानिए।

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7 Vues · 3 mois depuis

25% दे रहे हैं 70% वालों को खुली चेतावनी.. जमकर निभाना हिंदुओं तुम भाईचारा

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9 Vues · 3 mois depuis

पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूर्ण करने में 365 दिन, 5 घण्टे, 48 मिनीट और 46 सेकेण्ड लगते है। इस अंतर को समाप्त करने के लिए ईसाइयों के वर्तमान calendar में 4 वर्षों के अंतराल में लीप वर्ष मनाकर उसमें 1 दिन बढ़ाया जाता है। लेकिन इसप्रकार 4 वर्षों में 44 मिनीट अतिरिक्त पकड़े जाते है, जिसका ध्यान इस calendar के निर्माताओं ने नहीं रखा है। इस कारण से यह क्रम इसीप्रकार चलता रहा तो 1000 वर्षों के बाद लगभग 8 दिन अतिरिक्त पकड़े होंगे। और लगभग 10,000 वर्षों के बाद लगभग 78 दिन अतिरिक्त पकड़ लिए गए होंगे। इसका सीधा-सीधा अर्थ यह है की दस हज़ार वर्षों के बाद 1st Jan. शीत ऋतु की जगह वसंत ऋतु में होली के आसपास आएगी। यह सीधा-सादा गणित है। परंतु लाखों वर्षों से चली आ रही हमारी राम नवमी आज भी वसंत ऋतु में ही आती है, दशहरा व दिवाली शरद ऋतु में ही आते है। क्योंकि हमारे पुरखे खगोल और गणित में भी बहुत ही निपुण थे। अत: उन्होंने इस गणित व खगोल विज्ञान के आधार पर ही हज़ारों वर्षों में आनेवाले ग्रहणों का स्थान, दिन तथा समय भी exact लिख रखा है। इसलिए आग्रह है की कई बार बदली ईसाइयों की दक़ियानूसी वाली कालगणना छोड़िए तथा स्वाभिमान के साथ अपने पुरखों की वैज्ञानिक कालगणना अपनाइए जो अक्षरश: अचूक व बेजोड़ है।

कैलेण्डर में कितने दिन होने चाहिए?
योरोप में इस विवाद की कथा लगभग 2500 वर्ष प्राचीन है। इस विवाद के 6 चरण हैं। प्रथम 2 चरण जनसामान्य की विषय-वस्तु नहीं थे, इनका सम्बन्ध केवल ज्योतिषविदों से था —
प्रथम चरण — आरम्भ में योरोपियन कैलेण्डर में 366 दिन होते थे।
द्वितीय चरण — जब अनुभव किया गया कि ऋतुवर्ष का मान 366 दिन नहीं अपितु 365·5 दिन है तो एक दिन घटाकर कैलेण्डर के दिनों की संख्या 365 कर दी गयी तथा प्रत्येक दूसरे वर्ष को 366 दिनों का ही रखा गया और उसे leap year (अधिवर्ष) कहा गया। इस प्रकार कैलेण्डर में
क्रमश: 365 दिन, 366 दिन, 365 दिन, 366 दिन आदि होने लगे। इसे “pre-Julian calendar" कहते हैं।
तृतीय चरण — सम्राट् जूलियस सीज़र के परामर्शदाताओं ने उससे कहा कि ऋतुवर्ष का मान 365·5 दिन नहीं अपितु 365·25 दिन है। अत: जूलियस सीज़र ने 45 B.C.में राजाज्ञा निकलवाई कि
“प्रत्येक 3 वर्ष बाद अधिवर्ष रखा जाए।"
जूलियस के आदेश का तात्पर्य था कि
“प्रत्येक चौथे वर्ष को अधिवर्ष रखा जाए।"
किन्तु भ्रमवश यह समझा गया कि
“प्रत्येक तीसरे वर्ष को अधिवर्ष रखा जाय।"
यह भ्रम 36 वर्षों तक बना रहा। इस प्रकार कैलेण्डर में
क्रमश: 365 दिन, 365 दिन, 366 दिन, 365 दिन, 365 दिन, 366 दिन आदि होने लगे।
चतुर्थ चरण — सम्राट् जूलियस सीज़र की अधिवर्षविषयक राजाज्ञा के 36 वर्ष बाद सम्राट् अॉगस्टस ने भ्रम दूर करने हेतु राजाज्ञा निकलवाई कि
“सम्राट् जूलियस सीज़र के अनुसार प्रत्येक चौथे वर्ष को अधिवर्ष रखा जाना था किन्तु भ्रमवश प्रत्येक तीसरे वर्ष को अधिवर्ष रखा गया, परिणामस्वरूप 9 के स्थान पर 12 अधिवर्ष हो गए हैं। इस त्रुटि के निवारणार्थ 12 वर्षों तक अधिवर्ष नहीं रखा जाएगा। उसके पश्चात् प्रत्येक चौथे वर्ष को अधिवर्ष रखा जाए।"
पञ्चम चरण — इटैलियन चिकित्सक, ज्योतिषी व दार्शनिक लुइगी लिलो (Luigi Lilo अथवा Aloysius Lilius) के विचारों से प्रभावित होकर 1582 ईस्वी में पोप ग्रेगरी अष्टम ने क्रिश्चियन समुदाय के लिए कैलेण्डरविषयक कुछ आज्ञाएँ निकालीं जिनमें से मुख्य यह थी कि
“ऋतुवर्ष का मान 365·25 दिन से कुछ न्यून (365·24..... दिन) है, अत: 400 से विभाज्य होने पर ही शताब्दी वर्ष को अधिवर्ष रखा जाय तथा अब तक की त्रुटि के शोधनार्थ अॉक्टोबर मास में दिनांक 4 के बाद दिनांक 5 की बजाय सीधे दिनांक 15 कर दी जाए।"
यह नवीन कैलेण्डर जूलियन कैलेण्डर की अपेक्षा अधिक शुद्धरूपेण ऋतुवर्ष को ज्ञापित करता है क्योंकि ग्रेगोरियन कैलेण्डर में 3226 वर्षों में एक दिन की गड़बड़ी होती है जबकि जूलियन कैलेण्डर में 128 वर्षों में ही एक दिन की गड़बड़ी हो जाती है।
षष्ठ चरण — अब एक नवीन कैलेण्डर प्रस्तावित है जिसमें सामान्य वर्ष की दिनसंख्या 365 के स्थान पर 364 रखने की बात की जा रही है तथा समन्वय हेतु समय-समय पर एक अधिदिवस बढ़ाने की बजाय एक अधिसप्ताह को बढ़ाना प्रस्तावित है ताकि दिनांक व दिवस का सम्बन्ध अपरिवर्तित ही रहे। स्वभावत: इस व्यवस्था (अथवा अव्यवस्था) में प्रत्येक चौथे वर्ष का अधिवर्ष होना अनिवार्य नहीं रह जाएगा।
अस्तु, इस सम्पूर्ण विवाद ने सप्ताह के दिवसों के क्रम को प्रभावित नहीं किया है।

यूरोपीय कैलेण्डर अव्यवस्थित है,पश्चिमी काल गणना में वर्ष के 365.2422 दिन को 30 और 31 के हिसाब से 12 महीनों में विभक्त करते है। अंग्रेज़ी वर्ष में प्रत्येक चार वर्ष के अन्तराल पर फरवरी महीने को लीप इयर घोषित कर देते है, परन्तु फिर भी नौ मिनट 11 सेकण्ड का समय बच जाता है तो प्रत्येक चार सौ वर्षो में भी एक दिन बढ़ाना पड़ता है तब भी पूर्णाकन नहीं हो पाता है।



मार्च 21 और सेप्तम्बर 22 को equinox (बराबर दिन और रात) माना जाता है, परन्तु अन्तरिक्ष विज्ञान के अनुसार सभी वर्षों में यह अलग-अलग दिन ही होता है। यही उत्तरी गोलार्ध में जून 20-21 को सबसे बड़ा दिन और दिसंबर 20-23 को सबसे छोटा दिन मानने के नियम पर भी है, यह वर्ष कभी सही दिनांक नहीं देता। इसके लिए पेरिस के अन्तरराष्ट्रीय परमाणु घड़ी को एक सेकण्ड स्लो कर दिया गया फिर भी 22 सेकण्ड का समय अधिक चल रहा है; यह पेरिस की वही प्रयोगशाला है जहां की सीजीएस (CGS) सिस्टम से संसार भर के सारे मानक तय किये जाते हैं। ये ऐसा इसलिए है क्योंकि उसको वैदिक कैलेण्डर की नकल अशुद्ध रूप से तैयार किया गया था।

ना तो जनवरी साल का पहला मास है और ना ही 1 जनवरी पहला दिन ..
जो आज तक जनवरी को पहला महीना मानते आए है वो जरा इस बात पर विचार करिए ..
सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर क्रम से 7वाँ, 8वाँ, नौवाँ और दसवाँ महीना होना चाहिए जबकि ऐसा नहीं है .. ये क्रम से 9वाँ,10वाँ,11वां और
बारहवाँ महीना है .. हिन्दी में सात को सप्त, आठ को अष्ट कहा जाता है, इसे अग्रेज़ी में sept(सेप्ट) तथा oct(ओक्ट) कहा जाता है .. इसी से september तथा October बना ..
नवम्बर में तो सीधे-सीधे हिन्दी के "नव" को ले लिया गया है तथा दस अंग्रेज़ी में "Dec" बन जाता है जिससे
December बन गया ..
ऐसा इसलिए कि 1752 के पहले दिसंबर दसवाँ महीना ही हुआ करता था। इसका एक प्रमाण और है ..
जरा विचार करिए कि 25 दिसंबर यानि क्रिसमस को X-mas क्यों कहा जाता है????
इसका उत्तर ये है की "X" रोमन लिपि में दस का प्रतीक है और mas यानि मास अर्थात महीना .. चूंकि दिसंबर दसवां महीना हुआ करता था इसलिए 25 दिसंबर दसवां महीना यानि X-mas से प्रचलित हो गया ..
इन सब बातों से ये निष्कर्ष निकलता है
की या तो अंग्रेज़ हमारे पंचांग के अनुसार ही चलते थे या तो उनका 12 के बजाय 10 महीना ही हुआ करता था ..
साल को 365 के बजाय 305 दिन
का रखना तो बहुत बड़ी मूर्खता है तो ज्यादा संभावना इसी बात की है कि प्राचीन काल में अंग्रेज़ भारतीयों के प्रभाव में थे इस कारण सब कुछ भारतीयों जैसा ही करते थे और इंगलैण्ड ही क्या पूरा विश्व ही भारतीयों के प्रभाव में था जिसका प्रमाण ये है कि नया साल भले ही वो 1 जनवरी को माना लें पर उनका नया बही-खाता 1 अप्रैल से शुरू होता है ..
लगभग पूरे विश्व में वित्त-वर्ष अप्रैल से लेकर मार्च तक होता है यानि मार्च में अंत और अप्रैल से शुरू..
भारतीय 1 अप्रैल में अपना नया साल मनाते थे तो क्या ये इस बात का प्रमाण नहीं है कि पूरे विश्व को भारतीयों ने अपने अधीन रखा था।
इसका अन्य प्रमाण देखिए-अंग्रेज़
अपना तारीख या दिन 12 बजे
रात से बदल देते है .. दिन की शुरुआत सूर्योदय से होती है तो 12 बजे रात से नया दिन का क्या तुक बनता है ??
तुक बनता है भारत में नया दिन सुबह से गिना जाता है, सूर्योदय से करीब दो-ढाई घंटे पहले के समय को ब्रह्म-मुहूर्त्त की बेला कही जाती है और यहाँ से नए दिन की शुरुआत होती है.. यानि की करीब 5-5.30 के आस-पास और
इस समय इंग्लैंड में समय 12 बजे के आस-पास का होता है।
चूंकि वो भारतीयों के प्रभाव में थे इसलिए वो अपना दिन भी भारतीयों के दिन से मिलाकर रखना चाहते थे ..
इसलिए उन लोगों ने रात के 12 बजे से ही दिन नया दिन और तारीख बदलने का नियम अपना लिया ..
जरा सोचिए वो लोग अब तक हमारे अधीन हैं, हमारा अनुसरण करते हैं,
और हम राजा होकर भी खुद अपने अनुचर का, अपने अनुसरणकर्ता का या सीधे-सीधी कहूँ तो अपने दास का ही हम दास बनने को बेताब हैं..
कितनी बड़ी विडम्बना है ये .. मैं ये नहीं कहूँगा कि आप आज 31 दिसंबर को रात के 12 बजने का बेशब्री से इंतजार ना करिए या 12 बजे नए साल की खुशी में दारू मत पीजिए या खस्सी-मुर्गा मत काटिए। मैं बस ये कहूँगा कि देखिए खुद को आप, पहचानिए अपने आपको ..
हम भारतीय गुरु हैं, सम्राट हैं किसी का अनुसरी नही करते है .. अंग्रेजों का दिया हुआ नया साल हमें नहीं चाहिये, जब सारे त्याहोर भारतीय संस्कृति के रीती रिवाजों के अनुसार ही मानते हैं तो नया साल क्यों नहीं?

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मुंबई पर हमने अटैक किया...
अब दिल्ली और आगरा की बारी है...

पाकिस्तानी जिहादियों का नया फरमान...!

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6 Vues · 3 mois depuis

"काफ़ीर हिंदुओं को सिर्फ़ मारना हैं, सिर्फ उनको कतल करना है, यही हमारे इस्लाम का हुकुम है"- सलमान

ये सरेआम खुद अपने मुंह से बता रहे हैं कि हमारे लिए क्या हुकुम जारी हुआ है...🧟‍♂️

कुछ तो इस हद तक सनकी हैं कि इसे भी BJP/RSS का एजेंट घोषित कर सकते हैं...☺️

"संविधान" की किताब में भले ही आप ST, SC, OBC, General हो... लेकिन "आसमानी" किताब में केवल और केवल `"काफिर" हो और उसमे काफिरों को "तडपा-तडपाकर" मारने का हुकुम दिया हुआ है।।


`#जिहादियों_सम्पूर्ण_आर्थिक_बहिस्कार_करो`

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6 Vues · 3 mois depuis

ये वो एटम बम है जिनसे आप बिल्कुल अंजान हो । इस उम्र के हिन्दू बच्चों को तो कुछ पता ही नहीं है, और ये मुस्लिम बच्चे इस उम्र से ही राम मंदिर को तोड़ने का सपना लिए बड़े हो रहे हैं।

dfedc2b12
6 Vues · 3 mois depuis

देख लो इन दोनों मु..low के असली चेहरे...👆
ये शाहरुख़ खान और सलमान खान पहलगाम हमले पर चुप था ! 2गले छाले अब हिजाब थोड़ा सरका दिया तो नीतीश कुमार को धमकी दे रहे ...

ये दिन रात हिन्दू हीरोइन लड़कियों के साथ रोमांस भद्दापन करते हैं.. सुतिया ! वो भूल गए ।

ये है इन इस्लामिक लोगों का असली चेहरा !
ये बस अपने कौम के है.. समझ लो सभी साथियों ।🤔😠😡

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5 Vues · 3 mois depuis

वाह नाजिया जी वाह 🩷🙋‍♂️

लेकीन इतना सच भी नहीं बोलना था
🤦🏻‍♂️🤣🙏

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11 Vues · 3 mois depuis

बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के कुलतली गांव में, जहां ममता बनर्जी सरकार का दबदबा है, एक स्थानीय व्यापारी की शिकायत पर काला सद्दाम सरदार के घर की तलाशी ली गई, तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं...उस घर के शयनकक्ष से सीधे पड़ोसी इस्लामी देश बांग्लादेश तक एक सुरंग बनी हुई है और हर दिन घुसपैठियों को भारत लाया जा रहा है...😡

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4 Vues · 3 mois depuis

बांग्लादेश में

संविधान भी है

संसद भी है

सेना भी है

इनके बावजूद जैन बौद्धों सिक्खों हिंदुओं को

बिना जाति पूछे

सड़कों पर कत्लेआम किया जा रहा है

इतना सब होता देखकर जो मौन हैं

उनका नंबर भी जल्दी आएगा

😡👊🦶

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