7f0b5ee50
7f0b5ee50

7f0b5ee50

      |      

Người đăng ký

   Những video mới nhất

7f0b5ee50
5 Lượt xem · 4 tháng trước kia

राधा स्वामी (Radha Soami) एक आध्यात्मिक आंदोलन और संप्रदाय है, जिसकी जड़ें 19वीं शताब्दी के भारत में हैं। इसके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
1. स्थापना और इतिहास
शुरुआत: इस संप्रदाय की स्थापना 1861 में आगरा में सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज (स्वामी जी महाराज) द्वारा की गई थी।
ब्यास केंद्र: राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) की स्थापना 1891 में बाबा जैमल सिंह जी ने की थी, जो स्वामी जी महाराज के शिष्य थे।
2. मुख्य सिद्धांत और दर्शन
शब्द/नाम: यह मत 'सुरत शब्द योग' पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आत्मा ('सुरत') को आंतरिक आध्यात्मिक ध्वनि ('शब्द') के माध्यम से परमात्मा से जोड़ना।राधा स्वामी (Radha Soami) एक आध्यात्मिक आंदोलन और संप्रदाय है, जिसकी जड़ें 19वीं शताब्दी के भारत में हैं। इसके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
1. स्थापना और इतिहास
शुरुआत: इस संप्रदाय की स्थापना 1861 में आगरा में सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज (स्वामी जी महाराज) द्वारा की गई थी।
ब्यास केंद्र: राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) की स्थापना 1891 में बाबा जैमल सिंह जी ने की थी, जो स्वामी जी महाराज के शिष्य थे।
2. मुख्य सिद्धांत और दर्शन
शब्द/नाम: यह मत 'सुरत शब्द योग' पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आत्मा ('सुरत') को आंतरिक आध्यात्मिक ध्वनि ('शब्द') के माध्यम से परमात्मा से जोड़ना।

7f0b5ee50
5 Lượt xem · 4 tháng trước kia

राधा स्वामी (Radha Soami) एक आध्यात्मिक आंदोलन और संप्रदाय है, जिसकी जड़ें 19वीं शताब्दी के भारत में हैं। इसके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
1. स्थापना और इतिहास
शुरुआत: इस संप्रदाय की स्थापना 1861 में आगरा में सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज (स्वामी जी महाराज) द्वारा की गई थी।
ब्यास केंद्र: राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) की स्थापना 1891 में बाबा जैमल सिंह जी ने की थी, जो स्वामी जी महाराज के शिष्य थे।
2. मुख्य सिद्धांत और दर्शन
शब्द/नाम: यह मत 'सुरत शब्द योग' पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आत्मा ('सुरत') को आंतरिक आध्यात्मिक ध्वनि ('शब्द') के माध्यम से परमात्मा से जोड़ना।राधा स्वामी (Radha Soami) एक आध्यात्मिक आंदोलन और संप्रदाय है, जिसकी जड़ें 19वीं शताब्दी के भारत में हैं। इसके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
1. स्थापना और इतिहास
शुरुआत: इस संप्रदाय की स्थापना 1861 में आगरा में सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज (स्वामी जी महाराज) द्वारा की गई थी।
ब्यास केंद्र: राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) की स्थापना 1891 में बाबा जैमल सिंह जी ने की थी, जो स्वामी जी महाराज के शिष्य थे।
2. मुख्य सिद्धांत और दर्शन
शब्द/नाम: यह मत 'सुरत शब्द योग' पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आत्मा ('सुरत') को आंतरिक आध्यात्मिक ध्वनि ('शब्द') के माध्यम से परमात्मा से जोड़ना।

7f0b5ee50
2 Lượt xem · 4 tháng trước kia

कभी_हंस_भी_लिया_करो___Son_Of_Sardar___इस_सीन_की_वजह_से_फिल्म_सुपरहिट_गयी_है___Ajay_Devgn,_Sonakshi(360p)

7f0b5ee50
2 Lượt xem · 4 tháng trước kia

ये_दुश्मनी_मौत_से_ही_पूरी_होगी___CLIMAX___Son_Of_Sardaar___Ajay_Devgan___Sanjay_Dutt(360p)कभी_हंस_भी_लिया_करो___Son_Of_Sardar___इस_सीन_की_वजह_से_फिल्म_सुपरहिट_गयी_है___Ajay_Devgn,_Sonakshi(360p)

7f0b5ee50
1 Lượt xem · 4 tháng trước kia

rajpootboyup22

7f0b5ee50
2 Lượt xem · 4 tháng trước kia

दोस्तो के लिए एक विशेष

7f0b5ee50
2 Lượt xem · 4 tháng trước kia

mrrameshraj

7f0b5ee50
3 Lượt xem · 4 tháng trước kia

Jay shree ram 8094145300

7f0b5ee50
3 Lượt xem · 4 tháng trước kia

mrrameshraj

Cho xem nhiều hơn