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आखिर कब तक हैं दीवाने ये होंठ सिल करके ll Lyrics Alok Kumar Sharma ll aakhir kab tak hain deewane

7 विचारों· 24/11/25
aloksharmamzn
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में संगीत

आखिर कब तक हैं दीवाने, ये होंठ सिल करके रहेंगे,
एक ना एक दिन तो ये लब, इस दिल की बात कहेंगे।
ये प्यार गुनाह नहीं है, दिल में नफरत को पनाह नहीं है, दीवाने तो दीवाने हैं, वो इस जुल्म को कब तक सहेंगे।।

काँटों भरी राह पर दिल को, गुल खिलाने की ख्वाहिश है, अपना भी एक मकाँ यारों, ये इस दिल की फर माइश है। मोहब्बत से नफरत करने वालों के, ताने कब तक सुनते रहेंगे, कब तक ये काले बादल हैं, चंदा को ढकते रहेंगे।।

कोई ज़ख्मी परिंदा गगन में, परवाज़ को कैसे भरेगा,
इश्क ने दी है सजा ये, इस दर्द ए उल्फत को कौन हरेगा। रोते रहेंगे इस जग में दीवाने, लोग उन पर हंसते रहेंगे, ये दुनिया जीने नहीं देती, कहने वाले तो जाने क्या क्या कहेंगे।।

ग़ालिब ने ये कहा था, कि मुझे इश्क़ ने बर्बाद किया है,
हम तो पहले से ही बर्बाद थे, हमें कौन सा इश्क ने आबाद किया है। कुछ लोग कहते हैं तुम चुप रहना, अच्छा वक्त भी आयेगा, मगर कब तक दीवानों के यूं, इस इंतजार में आंसू बहेंगे।
Lyrics Alok Kumar Sharma.

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Falconmusic
Falconmusic 5 महीने पहले

hlo bhi main upko subscribe karta hun up vi mujha subscribe kar do

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