भोजन बनाने की तैयारी में जगन्नाथ और बलराम जी लकड़ियाँ जलाने में असफल रहे। भूख से दुर्बल दोनों भाई धुएँ से परेशान होकर बाहर निकले और अंततः भिक्षा में पका भोजन लेने का निर्णय किया।"
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Jai shree shyam
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राम-राम दोस्तों! आज के व्लॉग में हम गाँव की पहाड़ियों और सुनसान रास्तों पर घूमने निकले।