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Title, thumbnail ya video me agar abusing, adult ya sexually explicit content paya gaya to channel bina kisi warning ke permanent delete kar diya jayega. Yeh rule turant lagu hai. Ab tak 350+ channels delete kiye ja chuke hain. Kripya kisi bhi prakar ka adult ya abusive content upload na karein. Rule violate hone par channel bina bataye delete ho jayega.


— Team ApnaTube

Kurze Hose Erstellen

Motivation shorts

Nabami

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udayrotela#udaysingh senta baba laya joining letter ✉️

Uday Singh

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ye ek cat ka jo machli pakad kar lati hai or apne baccho ko khilati hai or aapne baccho ka pet Bharti hai #cat

teli yt

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Zindagi ek safar hai. Come, Travel With Me and let’s explore the unseen! 🌍✈"
​"New places, new faces. The journey begins now. #TravelWithMe 🎒"
​"चलो दुनिया देखते हैं मेरी नज़रों से। Travel With Me! 🏔📸"

Sandeep

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⁣स्कूल का खाना चोरी" (school ka khana chori) से जुड़ी कई वास्तविक खबरें और कहानियाँ वायरल हुई हैं, जिनमें स्कूल स्टाफ द्वारा मिड-डे मील (Mid-Day Meal) सामग्री का दुरुपयोग या चोरी शामिल है।

कुछ प्रमुख वायरल मामले और चर्चाएँ निम्नलिखित हैं:

मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) राशन चोरी: जनवरी 2024 में, मिर्जापुर के एक कंपोजिट स्कूल से मिड-डे मील का 21 बोरी गेहूं और 23 बोरी चावल चोरी हो गया था। इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल और सहायक अध्यापक को गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया गया था।
बिहार में अंडे की चोरी: दिसंबर 2024 में, बिहार के हाजीपुर में एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर का बच्चों के मिड-डे मील के लिए आए अंडे चुराते हुए वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की।
गया (बिहार) में चावल चोरी: गया में भी एक सरकारी स्कूल के शिक्षक मिड-डे मील का चावल चुराते और बाजार में बेचते हुए वीडियो में कैद हुए थे, जिसके बाद जिलाधिकारी ने कार्रवाई का आदेश दिया।
बस्ती (उत्तर प्रदेश) में चोरों ने खाए चने-पकौड़ी: अक्टूबर 2023 में, बस्ती के एक स्कूल में चोरों ने पहले मिड-डे मील के लिए रखे चने खाए, पकौड़ी बनाई और फिर बाकी सामान लेकर फरार हो गए। यह घटना भी काफी चर्चा में रही।

इन घटनाओं पर सोशल मीडिया और समाचारों में व्यापक चर्चा हुई है, जिसमें सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार को लेकर लोगों ने रोष व्यक्त किया है। ये मामले अक्सर दिखाते हैं कि बच्चों के पोषण के लिए आई सामग्री का किस तरह दुरुपयोग किया जाता है।

Raj Tiwari

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