Important Announcement
Title, thumbnail ya video me agar abusing, adult ya sexually explicit content paya gaya to channel bina kisi warning ke permanent delete kar diya jayega. Yeh rule turant lagu hai. Ab tak 350+ channels delete kiye ja chuke hain. Kripya kisi bhi prakar ka adult ya abusive content upload na karein. Rule violate hone par channel bina bataye delete ho jayega.
— Team ApnaTube
Kratke hlače Stvoriti
🌿 औषधीय और स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits)
तुलसी को आयुर्वेद में एक संजीवनी बूटी माना गया है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना (Immunity Booster): तुलसी विटामिन-सी और ज़िंक से भरपूर होती है, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत बनाने में मदद करती है।
सर्दी-खांसी और श्वसन संबंधी रोग (Cold, Cough, and Respiratory issues): इसके पत्तों में कैम्फीन, सिनेओल और यूजेनॉल जैसे तत्व होते हैं, जो सर्दी, खांसी, जुकाम, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा में राहत देते हैं।
तनाव और चिंता कम करना (Reduces Stress and Anxiety): तुलसी के पत्ते तनाव (stress) को कम करने में उपयोगी पाए गए हैं। ये मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं और शरीर को आराम (रिलैक्स) देते हैं।
पाचन में सुधार (Improves Digestion): यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
हृदय स्वास्थ्य (Heart Health): इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो हृदय के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं। यह रक्तदाब (Blood Pressure) को नियंत्रित करने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकती है।
एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण (Anti-Bacterial and Anti-Viral Properties): तुलसी में प्राकृतिक रूप से एंटी-सेप्टिक, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो विभिन्न संक्रमणों से बचाते हैं।
त्वचा के लिए (For Skin): इसके एंटी-सेप्टिक गुण पिंपल्स (pimples) और दाग-धब्बों को कम करने में भी सहायक होते हैं।
🙏 धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ (Religious and Spiritual Benefits)
हिंदू धर्म में तुलसी को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि पवित्रता और आस्था का प्रतीक माना गया है।
देवी लक्ष्मी का वास: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पौधे में देवी लक्ष्मी का वास होता है। इसलिए जिस घर में इसकी नियमित पूजा होती है, वहां सुख-समृद्धि बनी रहती है।
भगवान विष्णु को प्रिय: तुलसी का पत्ता भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और उनके भोग में इसका उपयोग करना आवश्यक माना जाता है।
सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy): माना जाता है कि तुलसी के पौधे के पास रहने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
💡 अन्य लाभ (Other Benefits)
जल शुद्धिकरण (Water Purification): तांबे के बर्तन में पानी भरकर उसमें तुलसी का पत्ता डालने से पानी शुद्ध होता है और पीने से शारीरिक लाभ मिलते हैं।
वायु शुद्धिकरण (Air Purification): तुलसी का पौधा अपने आस-पास के वातावरण को शुद्ध रखने में मदद करता है।
First Surgery in India | Ayurveda, Sushruta & Ancient Medical Science 🌿
India’s ancient medical history is full of wonders — and one of the greatest achievements is the world’s first recorded surgery performed by Acharya Sushruta, the Father of Surgery.
In this video, we explore how Sushruta Samhita, herbal medicines, and natural healing techniques helped shape modern surgical science.
🌿 What you will learn in this video:
✔ Who was Acharya Sushruta
✔ How India performed surgeries thousands of years ago
✔ The use of herbal plants in healing
✔ Ancient tools & techniques used by Indian sages (sadhus)
✔ The amazing history behind the world’s earliest surgical methods
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Kohinoor दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और विवादित हीरों में से एक है। इसका नाम फ़ारसी भाषा से लिया गया है, जिसका मतलब है “रोशनी का पर्वत” (Mountain of Light)। यह हीरा भारत से मिला था और इसका इतिहास लगभग 5000 साल पुराना माना जाता है।
कहां मिला था?
Kohinoor सबसे पहले आंध्र प्रदेश के गोलकुंडा खदानों से निकला था। यह हीरा मुग़लों, फ़ारसियों, अफ़ग़ानों और सिखों के हाथों में रहा।
इतिहास में इसका सफर
इसे मुगल बादशाह बाबर ने भी अपनी किताब में जिक्र किया है।
नादिर शाह ने भारत पर आक्रमण करके इसे अपने साथ फारस ले गया और वहीं इसका नाम “Koh-i-Noor” पड़ा।
महाराजा रणजीत सिंह के पास यह हीरा लंबे समय तक रहा।
बाद में अंग्रेजों ने इसे पंजाब से अपने कब्जे में लेकर ब्रिटेन भेज दिया।
अभी Kohinoor कहां है?
यह हीरा अब ब्रिटेन के Royal Collection में है और पारंपरिक रूप से Queen Consort के मुकुट में लगाया जाता है।
क्यों है विवादित?
भारत, पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान सभी इस हीरे पर अपना दावा करते हैं। भारत इसे अपनी ऐतिहासिक धरोहर मानता है और वापस मांगता है।
विशेषताएं
वजन: लगभग 105 कैरेट (पहले इससे भी बड़ा था, बाद में तराशा गया)
रंग: साफ, पारदर्शी
मूल्य: अमूल्य—इसकी कीमत का अनुमान लगाना भी मुश्किल है।
