जो दूसरों को दुख देता है, अपने लोभ के लिए दूसरों को कष्ट देता है, दंड देता है, वो कहीं भी बैठा हो, ऐसा बुरा नाश होगा उसका कि कहीं संभलने का कोई भी चांस नहीं मिलेगा। जिसके गले में नाम चल रहा है गोविंद गोविंद राधा राधा राधा राम हरे कृष्ण जो भी ये लोभ रूपी फांसी उसके गले में नहीं पड़ेगी।